शनिवार, 22 दिसंबर 2012

जिम्मेदार जम्मेदार जिम्मेदार कोंग्रेस और युपिए सरकार //// कब तक सहेंगे आत्याचार //जागने का समय आ गया हे,उठो जागो और मार भगाओ इन बेईमान लोगो को //कब तक न्याय के लिए इन कुकर्मियो के दरवाजे पर जायेंगे


जिम्मेदार जम्मेदार जिम्मेदार कोंग्रेस और युपिए सरकार //// कब तक सहेंगे आत्याचार //जागने का समय आ गया हे,उठो जागो और मार भगाओ इन बेईमान लोगो को //कब तक न्याय के लिए इन कुकर्मियो के दरवाजे पर जायेंगे



गेंगरेप, भर्स्टचार से लिप्त ,घोटालो के लिए जिम्मेदार  महंगाई बढाने की जिम्मेदार ,खुदरा व्यपारियो को बेरोजगार करने को बेताम ,भूख ,लाचारी ,कर्जे के लिए जिम्मेदार, आम आदमी के साथ दुर्व्यवहार करने की जिम्मेदार ,किसनो को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए जिम्मेदार ,पोलिस का आम आदमी के साथ दुर्व्यवहार के लिए जिम्मेदार , कानून व्यवस्था के ख़राब होने के लिए जिम्मेदार ,महिलाओ का असुरक्षित होने के लिए जिम्मेदार,,कोंग्रेस के प्रवक्ता,मंत्री विदेश मंत्री  आम जनता के उपर  दबाव डालने के जिम्मेदार जिम्मेदार जम्मेदार जिम्मेदार कोंग्रेस और युपिए सरकार होने के बावजूद हमने याने आम जनता ने हिमाचल में क्या किया, किया .अब इसका जिम्मेदार कौन हे ,गुजरात में 61 सिट जितने का जिम्मेदार कौन हे ,---------------क्या हम याने आम जनता इसकी जिम्मेदारी लेंगे की आगे हमसे ऐसी गलती कभी नहीं होंगी ,क्या हम अपने आप को बदलेंगे ,क्या हम कसम खायेंगे कि धिढ़ कोंग्रेस्सी और यूपीए  में शामिल घोटालेबाज, भर्स्टचारी ,आम आदमी के दुश्मन ,गैरजिम्मेदार,बेईमान लोगो को फिर से सरकार में आने नहीं देंगे, तो प्रोटेस्ट करो वरना अंग्रेजो ने जिस प्रकार खून पिया था और लाचार किया था मरने को वैसे ही आदत डाल  दो और अपनी आने वाली पीडी को भी यही शिक्षा दो की इस भर्स्ट  तंत्र में रहना सिख ले , 

मेरे दोस्तों जागो इनको सबक सिखाने का समय नजदीक आ रहा हे , आख्ने खुली रखो और वार कर भागओ इन कोंग्रेसी और यूपीए  वालो को .


गुजरात ,मध्यप्रदेश, जैसे उद्धरण आप के सामने मौजूद हे , 
  धन्यवाद 

संजय निरूपम मुर्दाबाद , नारी शक्ति जिंदाबाद



कोंग्रेस के प्रवक्ताओ ने हमेशा से ही इस प्रकार की भाषा का उपयोग आम जनता के लिए किया हे ,सत्ता के नशे में चूर इन कोंग्रेस्सी नेताओ ने कई बार ऐसी अपमान जनक भाषा का उपयोग आम जनता व् नारी केलिए अपशब्दों का उपयोग दबाव डालने के लिए किया हे ,इनको अपनी व् सामने वालो की इज्जत का किसी भी प्रकार का लेना देना नहीं हे इन्हें तो सिफ घोटाले भर्स्टचार,करो और राज करो इनके राज में गेंगरेप जैसे दुखद घटना एक नारी के साथ हो जाती हे लोग सडको पर उतर कर अपना रोष प्रकट करते हे यह मरहम लगाने के बदले नारी को लाठी से मारते हे ,और और महिलाओ को पुरुष पुलिसवाले लात से पिटेते हे ,क्या इनके पास महला पोलिस कर्मचारी नहीं हे ,इनके राज में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई हे .
आब महिलाओ का आपमान सहन नहीं किया जायेंगा जो भी महिला और उसकी अभिव्यक्ति पर हमला करेंगा उसे महिलये सबक सिखायेंगे ,

भारत माता की जय ,नारी शक्ति जिंदाबाद नारी शक्ति जिंदाबाद 


शुक्रवार, 9 मार्च 2012

उज्जैन मे भगवान श्री महाकाल की होली निराली .


उज्जैन मे भगवान  श्री महाकाल की होली निराली .
आज देश विदेश मे रंगों का होली का पावन त्यौहार बड़े ही धूम -धाम से मनाया जा रहा हें ,क्या छोटे क्या बड़े कही पर भी उम्र का तकाजा नहीं रहता इस होली के त्यौहार मे इसमें एक बड़ी गौर करने वाली बात जो  हें उस तरफ देश वासियो का कभी शायद ही ध्यान  गया होंगा. की देश मे सबसे पहले होली का दहन का और कीस समय और क्यों उसी स्थान पर सबसे पहले दहन कीया जाता हें. दोस्तों भगवान श्री महाकाल के आँगन मे सबसे पहले होली का दहन कीया जाता जिसके बाद  ही पुरे देश मे होली का दहन कीया जाता हें इसका करण यह हें की तीनो लोको के राजा  आधिपति भगवान श्री  महाकाल हें इसी वजह से होली का दहन ब्रह्म मुहूर्त  मे  न कराकर भगवान श्री महाकाल   के आँगन मे गोधुली बेला मे स्थानीय  पूजारियो द्वारा मन्त्र उपचार कर रीती रिवाज से कीया जाता हें मुझे इस होलिका दहन का पिछले १५ से २० वर्षो से दर्शन का सोभाग्य प्राप्त हें , होलिका दहन के दुसरे दिन देश मे सबसे पहले सुबह ४.०० बजे भस्म आरती के अंतर्गत ही भगवान् श्री महाकाल को गुलाल लगा कर होली मे रंगों का त्यौहार की शुरुवात करने का आगाज हो जाता हें, सुबह सुबह भगवान् श्री महाकाल से गुलाल व रंग बिरंगे फूलो के साथबहुत ही भाव विभोर होकर भगवान् श्री महाकाल होली खेलने का सोभाग्य पिछले १५ से २० वर्षो से मुझे मिला हुआ हें , भगवान् श्री महाकाल इतने  दयालु हें की मे कही भी रहू लेकिन होली के एक दिन पहले अपने पास बुलवा लेते हें .और अपने दर्शन से मुझे अभिभूत कर देते हें .दोस्तों सच कहता हें दुनिया मे इससे बड़ा आनंद का कोई  क्षण जीवन मे नही हो सकता कि आप  खुद कालो का काल महाकाल भगवान से महाकाल के साथ होली के रंग मे रंग जाओ. और अपने जीवन को धन्य कर दो ,मेरी आप से नम्र विनती हें की जीवन मे कम से कम एक बार यह आनंद जरुर ले .जिससे भगवान् महाकाल आपके जीवन व आपके परिवार दोस्तों और चाहने  वालो पर अपनी दया की कृपाद्रस्ठी जरूर डालेंगे , जी श्री महाकाल 
उज्जैन मे निवास स्थान! 
 , उज्जैन भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों मे से एक हें भगवान् श्री महाकाल के दर्शनों के लिये साल के ३६५ दिन दर्शानाथिओ की भीड़ रहती हें विभिन्न जाती, समाज की  कई सैकड़ो धर्मशालाए ,साधू संतो के आखाड़े, होटल .गेस्ट हाउस, भगवान महाकाल ट्रस्ट कीविशाल स्वरूप मे  महाकाल धर्मशाला जो बड़े गणपति मन्दिर , के सामने मौजूद हें , जहा पर स्वादिस्ट भोजन की व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट द्वारा नाम मात्रा रुपयों पर की गई हें, .
उज्जैन कैसे पहुचे!
 वैसे तो आपको उज्जैन कहा हें कैसे पंहुचा जा सकता हें यह जरुर मालूम होंगा , लेकिन थोड़ी सी जानकारी दे रहा उम्मीद हें आपके लिये उपयोगी साबित होंगी .मध्यप्रदेश के इस प्रमुख तीर्थ स्थली पर पहुचने के लिये देहली,मुंबई,कोलकोत्ता,चेन्नई, बेंगलरु,देहरादून,जम्मू,कानपूर,जयपुर,  नागपुर, इन्दोर, भोपाल बनारस ,राजकोट, अहमदाबाद फैजाबाद, लखनऊ, हैदराबाद आदि  स्टेशनो से रेल द्वारा या सड़क मार्ग पूना,ग्वालियर, मथुरा  द्वारा भी सीधा पंहुचा  जा सकता हें 
.हवाई मार्ग से उज्जैन से सिर्फ ५३ की. मी. की दुरी पर प्रमुख हवाई अड्डा इन्दोर से भी पहुचा जाया जा सकता हें .
कैसे करे होलिका दहन व भस्म आरती  का दर्शन !
भस्म आरती मे भाग लेने के लिये अनुमति लेना आवशयक होता हें जिसके लिये  सुबह १०.०० बजे भगवान् श्री महाकाल मंदिर पहुच कर आप मंदिर कार्यालय से अनुमति फार्म लेकर उसे कार्यलय मे भरकर जमा करवाने के बाद भगवान् के पूजा अभिषेक या दर्शन करले जिसके पश्चात आप उज्जैन दर्शन  जरुर करे , संध्या करीब ५.३० बजे मंदिर के प्रांगन मे पहुच कर करीब ६.३० संध्या को होलिका दहन का दर्शन करे , बाद मे ७.३० रात्रि मे भस्म आरती की अनुमति पर्ची लेकर आप अपने निवास स्थान की और प्रस्थान करे . जहा से सुबह करीब ३.३० बजे मंदिर मे पहुच कर भस्म आरती मे भाग लेकर आप भगवान् श्री महाकाल के साथ होली का पावन त्यौहार खेल सकते हें, सुबह ६.०० बजे गर्भ ग्रह  से बाहर निकलकर आप भगवान् श्री महाकाल का प्रसाद लेना  ना भूले ,आप इन सभी क्षण  को पाकर अपने जीवन यह बड़े ही आनंदित महसूस करेंगे, .वैसे आप सभी जानकारी प्राप्त करने के लिये mahakaleshwar.nic.in/ पर लोग इन कर सकते हें.
उज्जैन दर्शन मे क्या हें!
उज्जैन दर्शन मे विब्भिन्न प्रकार के मंदिर हें जिसमे अलग अलग सच्चायीया छुपी हें,, जिसमे प्रमुखता से भगवान् कालभेरव,संदीपनी आश्रम जो भगवान् श्री कृष्ण का विद्या स्थली हें,मंगल नाथ मंदिर जहा से कर्क्र रेखा गई हुई हें मंगली रेखा वाले मनुष्य को इस मंगल नाथ मंदिर मे पूजा अवश्य करवानी चहिये , जिससे उसके कस्ट दूर होंगे, गड कलिका मंदिर, रामघाट, हरसिद्धि मंदिर , सिद्धवट, भरतरी गुफा , राजा विक्रमादित्य ३२ महारानियो के साथ, चिंतामन  गणेश मंदिर, इस्कान मंदिर, शनि मन्दिर, सिंधिया परिवार द्वारा बनाया गया गोपाल क्रिष्णा मंदिर,आदि उज्जैन दर्शन मे मीलेंगा,हां भगवान् श्री महाकाल मंदिर के प्रांगन मे भी कई अलग अलग मान्यताप्राप्त मंदिरों के दर्शन जरुर करना क्योंकि भगवान् श्री महाकाल जी दर्शनों के लिये वे सभी रोज हमेशा मौजूद रहते हें ,जिसमे ऋषि मुनि भी मौजूद हें .
उज्जैन मे मशहूर हें 
उज्जैन मे मेहँदी,भांग,कचोरी,दूध से बने व्यंजन,आदि ,'.
उम्मीद हें आप जरुर जरुर अगली होली मे उज्जैन जरुर जायेंगे,
 'धन्यवाद 
जय श्री महाकाल ,
चन्दनगिरी तुलसिगीरी गोस्वामी नागपुर